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गूगल डीपमाइंड ने एआई उपलब्ध कराने के लिए ब्रिटेन सरकार के साथ साझेदारी की है।

गूगल डीपमाइंड ने एआई उपलब्ध कराने के लिए ब्रिटेन सरकार के साथ साझेदारी की है।

गूगल डीपमाइंड ने एआई उपलब्ध कराने के लिए ब्रिटेन सरकार के साथ साझेदारी की है।

परिचय

वर्तमान में, यूनाइटेड किंगडम की सरकार और गूगल डीपमाइंड के बीच साझेदारी स्थापित करने की प्रक्रिया चल रही है, जिसका उद्देश्य संबंध स्थापित होने के बाद मिलकर काम करना है। यह सहयोग, जो अभी स्थापित होने की प्रक्रिया में है, इस समय एक साझेदारी के गठन में योगदान दे रहा है। इस सहयोग का उद्देश्य कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) का अनुप्रयोग है, जिसका उद्देश्य वैज्ञानिक खोजों के प्रसार को सुगम बनाना और सार्वजनिक सेवाओं की गुणवत्ता को बढ़ाना है। यह सहयोगात्मक साझेदारी एक समझौता ज्ञापन (मेमोरेंडम ऑफ अंडरस्टैंडिंग) की सहायता से विकसित की जाएगी, जो एक प्रकार का समझौता है जो कानूनी रूप से बाध्यकारी नहीं है। यह पूरी प्रक्रिया को सुगम बनाने के लिए किया जा रहा है। इसका उपयोग भविष्य में साझेदारी के गठन को आसान बनाने के लिए किया जाएगा।

इसके अतिरिक्त, इसमें एक बिल्कुल नई कृत्रिम बुद्धिमत्ता प्रणाली की अवधारणा पर भी चर्चा की गई है, जिसे ‘जेमिनी फॉर गवर्नमेंट’ के नाम से जाना जाएगा। इस दस्तावेज़ में इस विषय पर विस्तार से चर्चा की गई है। इस प्रणाली को ‘जेमिनी फॉर गवर्नमेंट’ नाम दिया गया है, जो इसे संदर्भित करने का मूल शब्द होगा। इस रणनीति के विकास के पूरा होने के बाद, इसे लागू करने का निर्णय लिया गया। प्रशासन का मानना ​​है कि इस रणनीति के कार्यान्वयन से नौकरशाही में कमी आएगी, दोहराव वाली प्रक्रियाओं का स्वचालन होगा और नागरिक अधिकारियों को आम जनता को दी जाने वाली सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार पर ध्यान केंद्रित करने की स्वतंत्रता मिलेगी। ये सभी परिणाम इस नीति के प्रत्यक्ष परिणाम स्वरूप प्राप्त होंगे।

गूगल डीपमाइंड

गूगल डीपमाइंड के अनुसार, इस साझेदारी से कंपनी द्वारा पेश किए जाने वाले अत्याधुनिक कृत्रिम बुद्धिमत्ता मॉडल यूनाइटेड किंगडम के उन शिक्षाविदों के लिए सुलभ हो सकेंगे जो इनका उपयोग करना चाहते हैं। ये सभी मॉडल यूनाइटेड किंगडम के शिक्षाविदों को उपलब्ध कराए जाएंगे। यदि यह समझौता लागू होता है, तो दोनों पक्षों को लाभ होगा। इसे ध्यान में रखते हुए, यह नवाचार के क्षेत्र में एक बड़ा कदम होगा। अल्फाजीनोम जैसे एप्लिकेशन, जो डीएनए स्ट्रैंड्स का अनुक्रमण करने और संभावित कमजोरियों की पहचान करने के लिए कृत्रिम बुद्धिमत्ता का उपयोग करते हैं, इस श्रेणी के सॉफ्टवेयर में शामिल हैं। अल्फाजीनोम इस श्रेणी में आने वाले एप्लिकेशन का एक उदाहरण है। इसका एक और प्रमाण आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस को-साइंटिस्ट संगठन है, जो शोधकर्ताओं को नए विचारों और शोध प्रयासों को विकसित करने में सहायता प्रदान करता है।

इस लेख में जिन दो अनुप्रयोगों पर चर्चा की जा रही है, वे दोनों ही इस श्रेणी में आते हैं। नए विचारों को विकसित करने और उनके अध्ययन के लिए आवश्यक विषयों का चयन करने की प्रक्रिया में, शोधकर्ताओं की सहायता के लिए अन्य कार्यक्रम भी उपलब्ध हैं। इस विचार को स्पष्ट करने के लिए, मैं कुछ उदाहरण प्रस्तुत करूँगा।

कृत्रिम बुद्धिमत्ता माइक्रोस्कोप

दूसरी ओर, डीपमाइंड ने यह आभास दिया है कि ये उपकरण कृत्रिम बुद्धिमत्ता वाले माइक्रोस्कोप की तरह काम करते हैं। यहाँ सिक्के का दूसरा पहलू भी दिखता है। वैज्ञानिक खोज की प्रक्रिया को सरल बनाने के लिए डिज़ाइन किए गए इन उपकरणों की मदद से शोधकर्ता अभूतपूर्व स्तर की जटिलता और महत्व वाली समस्याओं का समाधान कर सकेंगे। यही इन उपकरणों का लक्ष्य है। इन उपकरणों को इसी उद्देश्य की पूर्ति के लिए विकसित किया गया था। प्रोटीन की संरचनाओं के बारे में पूर्वानुमान लगाने में सक्षम अल्फाफोल्ड नामक उपकरण ने पहले ही कई क्षेत्रों में अनुसंधान के विकास में योगदान दिया है।

इन उद्योगों में कृषि लचीलापन और एंटीबायोटिक प्रतिरोध जैसे अध्ययन क्षेत्र शामिल हैं। अपनी स्थापना के बाद से ही, इस उपकरण ने ऊपर वर्णित क्षेत्रों में अध्ययन की प्रगति में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। अल्फाफोल्ड टूल ने विभिन्न विषयों में अनुसंधान के विकास में जो महत्वपूर्ण योगदान दिया है, उसका एक उदाहरण नीचे दिया गया है। यह किए गए अनेक योगदानों में से केवल एक उदाहरण है; ऐसे और भी कई योगदान हैं।

शैक्षिक प्रक्रिया

एक उदाहरण के तौर पर, शिक्षा से संबंधित उदाहरण को ध्यान में रखा जा सकता है। ये तो बस कुछ उदाहरण हैं, ऐसे अनगिनत और भी उदाहरण हैं। गूगल डीपमाइंड के अनुसार, कंपनी जेमिनी का एक ऐसा संस्करण बनाने की संभावनाओं का पता लगा रही है जो शैक्षणिक संस्थानों में पढ़ाए जाने वाले पाठ्यक्रम पर आधारित हो। फिलहाल, कंपनी इस संभावना पर विचार कर रही है। जेमिनी का यह विशेष संस्करण पाठ्यक्रम सामग्री से प्रेरणा लेगा। यह स्थिति कंपनी के अब तक के पारंपरिक रुख के अनुरूप है।

इसके अतिरिक्त, यह बताया गया कि यह संस्था शिक्षा के क्षेत्र में कृत्रिम बुद्धिमत्ता के उपयोग और अधिगम प्रक्रिया तथा स्वयं शैक्षिक प्रक्रिया पर इसके प्रभाव का अध्ययन करने वाले शोध के लिए वित्तीय सहायता प्रदान कर रही है। इस अध्ययन का उद्देश्य विश्व भर में उपलब्ध शिक्षा की गुणवत्ता को बढ़ाना है। यह शोध मेरे द्वारा शिक्षा के क्षेत्र में कृत्रिम बुद्धिमत्ता द्वारा प्रस्तुत अवसरों की गहन समझ प्राप्त करने के उद्देश्य से किया जा रहा है।

प्रधानमंत्री कीर स्टारमर

प्रधानमंत्री कीर स्टारमर ने सहयोग के संदर्भ में निम्नलिखित बयान दिया: “यह साझेदारी सुनिश्चित करेगी कि हम कृत्रिम बुद्धिमत्ता के विकास का उपयोग जनहित के लिए करें ताकि हर कोई इसके लाभ महसूस कर सके।” प्रकाशन के विकास में योगदान देने वाले व्यक्ति ने कहा, “इसका अर्थ है कृत्रिम बुद्धिमत्ता का उपयोग करके रोजमर्रा की चुनौतियों का समाधान करना, जैसे कि सस्ती और पर्यावरण के अनुकूल ऊर्जा के कारण ऊर्जा बिलों को कम करना और हमारी सार्वजनिक सेवाओं को अधिक कुशल बनाना ताकि करदाताओं द्वारा खर्च किया गया पैसा उन चीजों पर खर्च किया जा सके जो लोगों के लिए सबसे महत्वपूर्ण हैं।” “इसका मतलब है कि हम करदाताओं द्वारा खर्च किए गए पैसे को उन चीजों पर खर्च कर सकते हैं जो लोगों के लिए सबसे महत्वपूर्ण हैं।”

इस समझौते के तहत मिलने वाली सहायता के कारण, डीपमाइंड अगले वर्ष की शुरुआत तक यूनाइटेड किंगडम में अपने पहले स्वचालित अनुसंधान केंद्र का निर्माण पूरा कर सकेगी। यह सहायता के कारण ही संभव हो पाएगा। इस समझौते के लागू होने से, लाभ उठाने की संभावना बनी रहेगी। लेबर पार्टी का मानना ​​है कि यह नीति विज्ञान और प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में वैश्विक नेता के रूप में देश की स्थिति को मजबूत करेगी, इसलिए वे इसे लागू करने के लिए कदम उठाने का प्रस्ताव रखते हैं। उनका मानना ​​है कि यह कदम देश की प्रतिष्ठा में सुधार लाएगा।

लिज़ केंडल

प्रौद्योगिकी राज्य सचिव लिज़ केंडल के अनुसार, “डीपमाइंड इस बात का आदर्श उदाहरण है कि यूनाइटेड किंगडम और संयुक्त राज्य अमेरिका के बीच तकनीकी सहयोग क्या हासिल कर सकता है।” डीपमाइंड को यूनाइटेड किंगडम और संयुक्त राज्य अमेरिका द्वारा विकसित किया गया था। यह संयुक्त राज्य अमेरिका और यूनाइटेड किंगडम के बीच एक सहयोगात्मक प्रयास था। संयुक्त राज्य अमेरिका और यूनाइटेड किंगडम ने संयुक्त प्रयास के रूप में डीपमाइंड को विकसित करने के लिए मिलकर काम किया। संयुक्त राज्य अमेरिका और यूनाइटेड किंगडम ने अपने-अपने देशों के बीच सहयोग के रूप में डीपमाइंड के विकास में सहयोग किया। डीपमाइंड का विकास संयुक्त राज्य अमेरिका और यूनाइटेड किंगडम के बीच एक सहयोगात्मक प्रयास से हुआ, जो दोनों देशों के बीच एक साझेदारी थी। “डीपमाइंड अटलांटिक के दोनों किनारों पर जड़ें रखने वाली एक कंपनी है जो ब्रिटिश नवोन्मेषकों को तकनीकी प्रगति की दिशा तय करने में सहायता कर रही है।”

जेमिनी इंजन

कृत्रिम बुद्धिमत्ता और रोबोटिक्स के क्षेत्र में नए निष्कर्षों के प्रसार और परीक्षणों के संचालन को बेहतर बनाने के उद्देश्य से, यह प्रयोगशाला गूगल द्वारा विकसित जेमिनी इंजन पर निर्भर करती है। जेमिनी इंजन गूगल द्वारा ही निर्मित है। प्रयोगशाला के अतिरिक्त कार्यों में से एक परीक्षण प्रक्रिया को सरल और सुव्यवस्थित बनाना है ताकि इसे अधिक कुशलता से किया जा सके। इसके अलावा, इस तकनीक की सहायता से प्रयोग किए जाते हैं, जिसका उपयोग वर्णित पूरी प्रक्रिया में किया जाता है। नवनिर्मित प्रयोगशाला का मुख्य ध्यान अतिचालकता से संबंधित पदार्थों पर होगा, और इन पदार्थों के उत्पादन पर विशेष जोर दिया जाएगा। प्रयोगशाला पदार्थों के निर्माण को प्राथमिकता देगी। “अतिचालक” शब्द ऐसे पदार्थ को संदर्भित करता है जो ऊर्जा स्थानांतरण प्रक्रिया के दौरान बिना किसी प्रतिरोध के ऊर्जा का परिवहन करने में सक्षम होता है। इस विशिष्ट विषय पर ध्यान केंद्रित करने के लिए, प्रयोगशाला अपने ध्यान के सबसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में से एक पर केंद्रित होगी।

विज्ञान, नवाचार और प्रौद्योगिकी विभाग के बयानों के अनुसार, इन सुपरकंडक्टरों का उपयोग चिकित्सा इमेजिंग उपचारों में किया जा सकता है, जिनकी लागत सामान्य से कम होगी। इसके अलावा, इनमें आगामी पीढ़ी के कंप्यूटर प्रोसेसरों को अधिक ऊर्जा-कुशल बनाने में योगदान देने की क्षमता है। अवसर मिलने पर ये इस कार्य को पूरा करने में सक्षम हैं। इसके अतिरिक्त, यह ध्यान रखना आवश्यक है कि ये सुपरकंडक्टर इन योगदानों को प्रदान करने में सक्षम हैं।

नई प्रौद्योगिकियों का विकास

गूगल डीपमाइंड के सह-संस्थापक और मुख्य कार्यकारी अधिकारी डेमिस हसाबिस का मानना ​​है कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता में वैज्ञानिक खोजों के एक नए युग की शुरुआत करने और जीवन की गुणवत्ता को समग्र रूप से बेहतर बनाने की अपार क्षमता है। उनका मानना ​​है कि नई तकनीकों के आविष्कार के माध्यम से इस क्षमता को साकार किया जा सकता है। उनका मत है कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता के कार्यान्वयन से इस वादे को पूरा किया जा सकता है। उनके विचार में, नई तकनीकों का विकास ही वह मार्ग हो सकता है जिसके द्वारा इस क्षमता को साकार किया जा सकता है। उनका मानना ​​है कि इस क्षमता को साकार किया जा सकता है। इसके अलावा, हसाबिस का मत था कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता में जीवन की गुणवत्ता पर सकारात्मक प्रभाव डालने की क्षमता है। उनका मानना ​​था कि यही स्थिति है। विज्ञान के क्षेत्र में महत्वपूर्ण प्रगति करने, राष्ट्रीय सुरक्षा को मजबूत करने और नागरिकों को व्यावहारिक लाभ प्रदान करने के लिए, हम यूनाइटेड किंगडम सरकार के साथ अपनी साझेदारी का विस्तार करने और देश के नवाचार के लंबे और गौरवशाली इतिहास का लाभ उठाने के लिए उत्साहित हैं।

आविष्कार का इतिहास

हम देश के नवाचार के लंबे और महत्वपूर्ण इतिहास का उपयोग करके इन लक्ष्यों को प्राप्त करने की आशा करते हैं। देश के आविष्कार के लंबे और सुस्थापित इतिहास के उपयोग से ही इन उद्देश्यों को प्राप्त किया जा सकेगा। हमें इस बात का पूरा भरोसा है कि इससे इन सभी लक्ष्यों को प्राप्त करना संभव हो पाएगा। हमें पूरी उम्मीद है कि देश के आविष्कार के व्यापक और महत्वपूर्ण इतिहास का उपयोग करके हम अपने द्वारा निर्धारित इन उद्देश्यों को प्राप्त कर सकेंगे। देश के नवाचार के व्यापक और सुस्थापित इतिहास के उपयोग से ही इन उद्देश्यों को पूरा किया जा सकेगा। यही वह तरीका होगा जिससे इन उद्देश्यों को प्राप्त किया जाएगा। ये वे उद्देश्य हैं जो हमने अपने लिए निर्धारित किए हैं, और हमें पूरी उम्मीद है कि देश के आविष्कार के लंबे और महत्वपूर्ण इतिहास का उपयोग करके हम इन्हें प्राप्त कर सकेंगे। ये वे उद्देश्य हैं जो हमने अपने लिए निर्धारित किए हैं।

निष्कर्ष

यूनाइटेड किंगडम में विज्ञान और प्रौद्योगिकी उद्योग को गूगल का समर्थन प्राप्त है, यह बात गूगल के इस संगठन के साथ सहयोग से सिद्ध हो चुकी है। गूगल द्वारा इस क्षेत्र में किए जा रहे समर्थन का प्रमाण हाल ही में जारी किए गए इस दस्तावेज से मिलता है। यह सार्वजनिक किया गया है कि सरकार के पास मौजूद अप्रचलित सूचना प्रौद्योगिकी को उन्नत करने की प्रक्रिया में सहायता प्रदान करने की घोषणा की गई है। यह जानकारी अब आम जनता के साथ साझा की जा रही है। गर्मियों के दौरान भी कई बार यह जानकारी आम जनता के सामने आई।

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ब्रिटेन यात्रा से कुछ ही समय पहले, गूगल ने घोषणा की कि वह ब्रिटेन में कृत्रिम बुद्धिमत्ता के बुनियादी ढांचे और अनुसंधान कार्यों को विकसित करने के लिए पांच अरब डॉलर का निवेश करेगा। यह यात्रा ब्रिटेन में ही होनी थी। इस यात्रा की तैयारी में यह सूचना जारी की गई थी। प्रस्ताव के अनुसार, यह यात्रा ब्रिटेन में ही होनी थी। यह खबर सबसे पहले ब्रिटेन में ही प्रकाशित हुई थी, और यहीं से इसे प्रकाशित भी किया गया था।

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