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टाटा सिएरा टर्बो-पेट्रोल हाइपरियन त्वरण परीक्षण

टाटा सिएरा टर्बो-पेट्रोल हाइपरियन त्वरण परीक्षण

टाटा सिएरा टर्बो-पेट्रोल हाइपरियन त्वरण परीक्षण

परिचय

टाटा की कंपनी के दौरे के दौरान हमें सिएरा चलाने का मौका मिला, जो टाटा द्वारा निर्मित अब तक की सबसे नवीन स्पोर्ट यूटिलिटी व्हीकल है। यह हमारे लिए एक शानदार अनुभव था। उस विशेष अवसर पर हमें जो अद्भुत अवसर मिला, उसका हमने भरपूर लाभ उठाया। यह मौका हमें हाल ही में मिला था, और हमने इसका पूरा फायदा उठाया। एसयूवी का परीक्षण करते समय और परीक्षण के बाद उसके प्रदर्शन का आकलन करते समय, हमने एसयूवी की 0 से 100 मील प्रति घंटे की रफ्तार का भी मूल्यांकन किया। ऐसा इसलिए किया गया ताकि परीक्षण पूरा होने पर इसकी वास्तविक कार्यक्षमता के बारे में बेहतर जानकारी प्राप्त की जा सके। विभिन्न प्रकार के परीक्षणों के माध्यम से, जिससे अंततः हमारा उद्देश्य पूरा हुआ, हम अपने लक्ष्य को प्राप्त करने में सफल रहे।

यह मूल्यांकन पूरी प्रक्रिया के दौरान पेशेवर तरीके से और एक निजी सड़क पर किया गया, जो आम जनता के लिए पूरी तरह से प्रतिबंधित थी। इसके अलावा, मूल्यांकन एचटी ऑटो द्वारा किया गया। निरीक्षण के दौरान सड़क का उपयोग करना काफी मुश्किल था क्योंकि यह पूरी तरह से प्रतिबंधित थी। इस मूल्यांकन को करने के लिए, पूर्व प्रशिक्षित ड्राइवरों को ही यह कार्य सौंपा गया था।

इस समस्या की जांच

यह मूल्यांकन ऐसे वातावरण में किया गया था जहाँ उचित समय पर सही तरीके से निगरानी रखी गई थी। वास्तव में, शुरू से ही हर घटना में यही स्थिति रही है। यदि आप पाठक हैं, तो आपसे निवेदन है कि संबंधित अधिकारियों से अनुमति लिए बिना सार्वजनिक राजमार्गों पर किसी भी प्रकार का गति या त्वरण परीक्षण न करें। ऐसा इसलिए क्योंकि इसके गंभीर परिणाम हो सकते हैं। ऐसा करना कानून के विरुद्ध है। इस अत्यंत महत्वपूर्ण समस्या की पूरी जांच आवश्यक है और इस पर गंभीरता से ध्यान देना अत्यंत महत्वपूर्ण है। इस लेख को पढ़ते समय, पाठकों से निवेदन है कि वे लेख में वर्णित किसी भी प्रकार के आचरण से बचें।

ऑटोमेटिक गियरबॉक्स

परीक्षण के दौरान क्या परिस्थितियाँ थीं और यह परीक्षण अपनी पूरी अवधि में कितना प्रभावी रहा? परीक्षण के लिए चुनी गई सिएरा में टाटा का नया छह-स्पीड ऑटोमैटिक गियरबॉक्स लगा था, और इसे शुरू से ही स्पोर्ट मोड में चलने के लिए सेट किया गया था। यह कदम वाहन की क्षमताओं का और अधिक परीक्षण करने के लिए उठाया गया था। प्रदर्शन और सुरक्षा दोनों को बनाए रखने के लिए यह आवश्यक था। सिएरा नेवादा के संदर्भ में, इस विशेष पहलू को ध्यान में रखना अत्यंत महत्वपूर्ण है। अधिकतम संभव प्रतिक्रियाशीलता प्राप्त करने के लिए, इंजन को इस तरह विकसित किया गया था जिससे यह सर्वोत्तम प्रतिक्रियाशीलता हासिल कर सके। यह इंजन के निर्माण के कारण संभव हुआ, जो इसे इस तरह से संचालित करने की अनुमति देता है।

इन परिस्थितियों के कारण यह संभव हो पाया। इसी कारण एसयूवी को आवश्यक शक्ति प्रदान करने के लिए एक बिल्कुल नया 1.5-लीटर हाइपेरियन टर्बो-पेट्रोल इंजन लगाया गया। यह आवश्यक आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए किया गया था। इस इंजन के निर्माता ने बताया कि यह 158 हॉर्सपावर और 255 एनएम का टॉर्क उत्पन्न करने में सक्षम है। इसके अतिरिक्त, यह इंजन 255 टन का टॉर्क भी उत्पन्न कर सकता है। पाठकों की सुविधा के लिए इस इंजन की शक्ति का विवरण दिया गया है। वाहन की हॉर्सपावर और वाहन के विभिन्न भागों में लगे विशिष्ट इंजनों के बीच स्पष्ट संबंध था।

प्रति मिनट चक्कर (rpm)

ब्रेक को उनकी मूल सेटिंग से न बदलने के बावजूद, प्रति मिनट चक्कर (rpm) का अनुपात बढ़ा दिया गया था। यह तकनीक वाहन से ब्रेक के पुर्जे हटाने से पहले ही अपनाई गई थी। इस विशेष अभ्यास के दौरान, नियंत्रित त्वरण परीक्षण की आवश्यकताओं का लगातार पालन किया गया। यह एक ऐसी प्रक्रिया है जो अक्सर दोहराई जाती है, जो स्थिति को और बिगाड़ने जैसा है। यह तरीका वांछित उद्देश्य को प्राप्त करने के लिए चुना गया था, जो यह सुनिश्चित करना था कि लॉन्च यथासंभव त्रुटिरहित हो। परिस्थितियों को देखते हुए, इच्छित उद्देश्य को पूरा करने के लिए यह परिणाम चुना गया था। इस विशेष घटना के कारण, टर्बोचार्जर स्पूलिंग प्रक्रिया को उस समय से थोड़ा पहले शुरू करने में सक्षम हो गया, जब परिस्थितियाँ इस विशेष संयोजन के बिना ऐसा नहीं कर पाता।

इससे टर्बोचार्जर को प्रक्रिया शुरू करने में सामान्य से पहले ही सफलता मिली। इसके परिणामस्वरूप टर्बोचार्जर सामान्य से अधिक दक्षता स्तर पर कार्य कर सका। एकत्रित जानकारी के आधार पर यह पता चला कि वाहन में सवार दोनों व्यक्तियों का वजन लगभग साठ से सत्तर किलो था। सभी जांच पूरी होने के बाद, यही निष्कर्ष निकाला गया। घटना के समय, एक वयस्क वाहन चला रहा था, जबकि दूसरा वाहन के पीछे वाली सीट पर बैठा था। पूरी घटना के दौरान, दोनों वयस्क वाहन में मौजूद थे। परीक्षण के उद्देश्य से, ईंधन टैंक को उसकी अधिकतम क्षमता तक भरा गया था, जिसके परिणामस्वरूप वाहन का कुल वजन बढ़ गया।

टाटा सिएरा

यह परीक्षण के संचालन का परिणाम था। परीक्षा को सुचारू रूप से संपन्न कराने के लिए ये कदम उठाना आवश्यक था। परीक्षा को प्रभावी और कुशल तरीके से संपन्न कराने के लिए ये उपाय करना अनिवार्य था। ऊपर बताई गई बातों के अलावा, निम्नलिखित बातों पर भी ध्यान देना चाहिए, जो समान रूप से महत्वपूर्ण हैं: अपनी पहली टेस्ट ड्राइव पूरी करने के बाद, हम इस निष्कर्ष पर पहुंचे कि टाटा सिएरा न केवल विशाल है, बल्कि आनंददायक भी है और भविष्य में इसकी क्षमता और भी अधिक होगी। यह हमारी पहली टेस्ट ड्राइव पूरी करने के बाद की हमारी समझ थी। अपनी टेस्ट ड्राइव पूरी करने के बाद, हम इस मूल्यांकन के साथ इस निष्कर्ष पर पहुंचे। यह कथन हमारी पहली टेस्ट ड्राइव को बिना किसी कठिनाई के सफलतापूर्वक पूरा करने के बाद दिया गया था।

इस तथ्य को ध्यान में रखते हुए कि अधिक विशिष्ट जानकारी प्राप्त करना लाभकारी होगा, इस बिंदु तक क्या परिणाम प्राप्त हुए हैं?

इन परिस्थितियों में चलने के दौरान, स्टॉपवॉच द्वारा दर्शाए गए आंकड़ों के अनुसार, सिएरा 9.96 सेकंड में 0 से 100 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार पकड़ने में सक्षम थी। सिएरा की यह त्वरण क्षमता इस बात का प्रमाण है कि यह वास्तव में संभव है। यह सिद्ध हो गया कि सिएरा शून्य से 100 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार पकड़ने में सक्षम थी, जिससे यह संकेत मिलता है कि यह किसी भी परिस्थिति में ऐसा कर सकती थी। यह इस तथ्य से सिद्ध हुआ कि यह दोनों कार्यों को एक ही समय में करने में सक्षम थी। एकत्रित जानकारी के आधार पर, सिएरा अपने बाजार में सबसे तेज विकल्पों में से एक है।

मध्यम आकार की एसयूवी

ऐसा इसलिए है क्योंकि यह एक मध्यम आकार की एसयूवी है जिसमें पूरा टैंक भरा हुआ है, इसमें दो यात्री बैठ सकते हैं और इसमें स्वचालित ट्रांसमिशन है। इन सभी कारकों के कारण ही इसका टैंक भरा हुआ है। और स्पष्ट रूप से कहें तो, यह इन सभी विशेषताओं के कारण संभव हुआ है। चयन प्रक्रिया से पहले, इन सभी पहलुओं पर विचार किया गया था। दूसरी ओर, जब हम इस तथ्य पर विचार करते हैं कि यह इंजन और गियरबॉक्स का एक बिल्कुल नया संयोजन है जिसका अभी प्रारंभिक परीक्षण चल रहा है, तो यह स्पष्ट हो जाता है कि यह महज़ एक आंकड़ा नहीं है। यह सब इसलिए संभव हुआ है क्योंकि इंजन और गियरबॉक्स दोनों बिल्कुल नए हैं। इंजन और गियरबॉक्स दोनों के बिल्कुल नए होने के कारण ही यह सब संभव हो पाया है। इसी वजह से यह सब हुआ है। इस स्पोर्ट यूटिलिटी व्हीकल को चलाने वाला पावरट्रेन 1.5 लीटर क्षमता वाला गैसोलीन हाइपेरियन इंजन है, जिसमें टर्बोचार्जर लगा हुआ है।

एसयूवी में लगा इंजन ड्राइवर को इतनी आसानी से घूमने-फिरने की सुविधा देता है, जैसे कोई बच्चा बॉल पिट में फुटबॉल खेल रहा हो। इसी वजह से यह स्पोर्ट यूटिलिटी व्हीकल एक छोटे बच्चे की तरह फुर्ती से चल पाता है। यह उस घटना का परिणाम है जो घटी थी। इंजन का पावरप्लांट, जो इंजन के संचालन के लिए जिम्मेदार घटक है, इस अंतर्निहित क्षमता का स्रोत है जो पीढ़ी दर पीढ़ी हस्तांतरित होती है। इस विशेष इंजन का प्रदर्शन एसयूवी को सीमित स्थान वाले क्षेत्रों में चलने में सक्षम बनाता है, जो इंजन के प्रदर्शन से जुड़े प्रत्यक्ष प्रभावों में से एक है। इंजन का प्रदर्शन एसयूवी को छोटे स्थानों में भी चलने में सक्षम बनाता है।

निष्कर्ष

कई कारणों से यह परीक्षण करना अत्यंत आवश्यक है, जिनमें से कुछ आपकी सुविधा के लिए नीचे सूचीबद्ध हैं: ध्यान में रखने योग्य अतिरिक्त बातों में यह तथ्य शामिल है कि त्वरण के आंकड़े न केवल वाहन की अधिकतम गति के बारे में जानकारी प्रदान करते हैं, बल्कि यह भी बताते हैं कि सड़क पर प्रवेश करते समय, अन्य वाहनों को ओवरटेक करते समय और खड़ी पहाड़ियों पर चढ़ते समय वाहन कैसा प्रदर्शन करेगा। त्वरण डेटा कुछ निश्चित परिस्थितियों में वाहन के प्रदर्शन की जानकारी प्रदान करता है, इसलिए ऐसा है। विशेष रूप से त्वरण माप इसके लिए जिम्मेदार हैं, क्योंकि वे उन गतियों की जानकारी प्रदान करते हैं जिन पर वाहन को चलाने की अनुमति है।

जब हाइपेरियन टर्बो-पेट्रोल इंजन और नए 6-एटी ने आशाजनक प्रतिक्रिया दिखाई है, तो ऐसा लगता है कि सिएरा अपने से पहले आई टाटा पेट्रोल एसयूवी की तुलना में अधिक आनंददायक ड्राइविंग अनुभव प्रदान करेगी। ऐसा इसलिए है क्योंकि सिएरा एक स्पोर्ट यूटिलिटी व्हीकल होगी। यह नया विकास इस तथ्य के परिणामस्वरूप हुआ है कि सिएरा इन दोनों इंजनों से लैस होने जा रही है। इसका कारण यह है कि यह अनुमान लगाया गया है कि आने वाले वर्षों में, सिएरा एक ऐसी गाड़ी के रूप में विकसित होगी जो अपनी चपलता और प्रतिक्रियाशीलता के मामले में बेहतर होगी। यही वजह है कि ऐसा हो रहा है। इस विशेष घटना के घटित होने का कारण भी यही है।

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